Uptoday न्यूज
जनपद अमेठी। पीड़ितों के लिए तत्पर रहने वाली वा ईमानदारी का तमगा हासिल करने वाली जनपद अमेठी की कप्तान से पीड़ित दलित महिला ने न्याय की गुहार लगाई किंतु उसे निराशा ही हांथ लगी। वैसे तो अमेठी कप्तान न्यायप्रिय अधिकारियों में गिनी जाती हैं किंतु एक दलित बुजुर्ग महिला को उस वक्त निराश होकर लौटना पड़ा जब कप्तान दलित के साथ मारपीट कर लहू लुहान कर देने वाली महिला की आधी अधूरी बातों में आकर पीड़िता को सुनने को तैयार ही नहीं हुईं। वहीं बात करें थाने की तो सर्वविदित है कि संग्रामपुर थाने में तानाशाही चरम पर है। भ्रष्टाचार की मार ऐसी है कि कोतवाल आम को इमली बना देने में तनिक भी कोताही नहीं बरतते। आखिर साहब जो ठहरे कानून व्यवस्था इनकी मुट्ठी में है जिसको चाहे मुजरिम बना दे । दरअसल हम बात कर रहे हैं खौ पुर बुजुर्ग थाना संग्रामपुर की रहने वाली दलित बुजुर्ग पीड़िता देवकली पत्नी श्रीपाल की। जिसके अनुसार पीड़िता को उसी गांव की निवासिनी मीना पत्नी राजकुमार , मुरली प्रसाद पुत्र रामलाल तथा निर्मला पत्नी राजकुमार द्वारा बकरी चरा कर वापस लौटते समय रात्रि लगभग 7 बजे घेरकर मारने पीटने लगे तथा जाति सूचक गालियां देते हुए बोले पासिन तुम्हारा यहाँ कुछ नही है। पीड़िता का आरोप है कि उपरोक्त दबंगों द्वारा प्रार्थिनी को मारते पीटते हुए जमीन पर घसीटा गया । पीड़िता का आरोप है कि दबंग मीना द्वारा उसे दांत काटा गया जिससे उसके अंगूठे का नाखून उखड़ गया। इससे पूर्व उपरोक्त दबंगों द्वारा प्रार्थिनी के पुत्र अरविंद को बाहरी गुंडे बुलाकर शम लगभग 6 बजे भिटहरी के पास मारा गया । गांव लौटने पर प्रार्थिनी का पुत्र घायल अवस्था में अपनी माँ को बचाने के लिए दबंगों से भिड़ा । जिसका वीडियो साक्ष्य भी प्रार्थिनी के पास मौजूद है।
न्याय पाने के लिए पीड़िता ने तहसील दिवस में क्षेत्राधिकारी को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने व मेडिकल कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया । अनेक प्रयास के पश्चात कोतवाल द्वारा सी एच सी संग्राम पुर मे पीडिता को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया । वहाँ से पीड़िता को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया । किंतु भ्रष्टाचार की मार ऐसी कि डॉक्टर की सलाह को भी कोतवाल साहब ने दरकिनार कर दिया। पीड़ित बुजुर्ग महिल ने कप्तान से न्याय गुहार लगाई किंतु वहां भी कोई कार्यवाही नही हुई। अब पीड़िता योगी दरबार में जाकर न्याय मांगने की बात कर रही है।

