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अमेठी । शासन नारी शक्ति बंदन के साथ ही महिला सशक्तिकरण की बात कर रहा है वहीं पीड़िता का आरोप है कि पुलिस संरक्षण में दबंगों ने उसका जीवन दूभर कर रखा है। किंतु थानेदार पुलिस अधीक्षक वा क्षेत्राधिकारी के आदेश को भी धता बताते हुए कार्यवाही से इनकार कर रहे हैं। दरअसल हम बात कर रहे हैं जनपद अमेठी के अंतर्गत आने वाले थाना संग्रामपुर क्षेत्र से संबंधित खौ पुर बुजुर्ग निवासिनी रीना यादव पत्नी अनिल कुमार यादव की। पीड़िता का आरोप है कि उसी गांव के निवासी राजकुमार सुत मुरली प्रसाद वा धर्मेंद्र सुत राममूरत द्वारा द्वारा 29 अप्रैल 2026 को मोबाइल नंबर 8953870843 से पीड़िता के नंबर पर फोन करके पीड़िता से उसकी लाइव लोकेशन पूछते रहे। इसके पश्चात उपरोक्त ने पीड़िता के साथ गाली गलौज की तथा 3 अप्रैल 2026 को उपरोक्त लोगों के द्वारा पीड़िता के सुल्तानपुर से मुकदमा लड़ कर घर वापस आने पर उसके घर आकर भद्दी भद्दी गाली देते रहे तथा पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता द्वारा क्षेत्राधिकारी वा पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर कार्यवाही की मांग की गई किंतु कोतवाल के संरक्षण में दबंगों का पीड़िता को राह चलते घेरना वा गाली गलौज करना बदस्तूर जारी है। अनेक बार थाने पर प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोतवाल संग्रामपुर द्वारा कार्यवाही करने से इनकार किया जा रहा है उल्टा कोतवाल का कहना है कि जमीनी विवाद है कुछ नहीं कर सकते। तो हमारा सवाल यही है कि जमीनी विवाद में शांति व्यवस्था कायम करना वा महिला सुरक्षा की जिम्मेदारी कोतवाल साहब की नहीं है। क्या कोतवाल साहब कार्यवाही से पूर्व जमीनी विवाद में हत्या हो जाने का इंतजार करते है। भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा संग्रामपुर थाने में महिला सशक्तिकरण को मुंह चिढ़ाती नजर आ रही है। अनेक बार अपने साथ घटित होने वाले अपराध की शिकायत करने के बावजूद मौके पर एक सिपाही भी भेजना कोतवाल साहब ने मुनासिब नहीं समझा । उल्टा शिकायत लेकर आई पीड़िता को ही डांट कर भगा दिया। पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बावजूद पीड़िता को न्याय नहीं मिल सका है।

