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अमेठी । वैसे तो महिलासशक्तिकरण के नाम पर ढेर सारे कानून बने हुए हैं। किंतु महिला की किस कदर दुर्दशा है महिला संबंधी बने कानूनों से महिला की भलाई में कितनी उपयोगिता है यह एक बड़ा प्रश्न है। प्रत्येक जनपद में महिला थाने मौजूद हैं किंतु आज भी महिलाएं अपने साथ घटित होने वाले अपराधों के लिए दर बदर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। पीड़िता के अनुसार ताजा प्रकरण ग्राम मोचवा थाना अमेठी का है जहां पर अपने साथ हुए दुष्कर्म के आरोपी को ढूंढने आई मुस्लिम से हिंदू बनी महिला आरोपी के घर के बाहर खुली छत के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर है। किंतु लगभग माह भर से अनेकों प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अमेठी थानाध्यक्ष की हिला हवाली जारी है किन्तु महिलासशक्तिकरण को मुंह चिढ़ा रहे कोतवाल के द्वारा महीना भर बिता देने के बावजूद मुकदमा नहीं दर्ज किया गया। दरअसल पीड़िता अनाथ है तथा उसका पालन पोषण एक हिंदू द्वारा किया गया। पीड़िता दिल्ली में नौकरी कर थी इस दौरान मोहित विश्वकर्मा पुत्र राम कुमार विश्वकर्मा निवासी निवासी मोचवा गोसाईंगंज थाना अमेठी जनपद अमेठी से मिली तथा दोनों में दोस्ती हुई पीड़िता के द्वारा अपना गांव घुमाने की बात कह कर 20 दिसंबर 2024 को पीड़िता को अपने पैतृक निवास स्थान लेकर आया जहां पर आरोपी मोहित के द्वारा पीड़िता के साथ जबरन बलात्कार किया गया। पीड़िता द्वारा गुहार लगाई गई तो आरोपी के बुआ के बेटे मोहित विश्वकर्मा पुत्र शिव राम विश्वकर्मा द्वारा उसको संरक्षण देते हुए अपने घर ले गया। जहां पर आरोपी आया और तहरीर न देने की मिन्नत करते हुए पीड़िता से विवाह करने का झांसा दिया और उसे अपने साथ लेकर दिल्ली गुड़गांव चला गया। वहां पर आरोपी द्वारा पीड़िता का फर्जी आधार कार्ड अपनी पत्नी के तौर पर बनाया तथा अपनी पत्नी बताते हुए पीड़िता को रूम रेंट पर लेकर साथ में रहने लगा। लगभग दो वर्ष तक पीड़िता उसका संपूर्ण खर्च उठाती रही तथा इस दौरान वह आरोपी से दो बार गर्भवती हुई जिसका गर्भपात आरोपी द्वारा जबरन कराया गया तथा पीड़िता से लगभग पांच लाख खाने के बाद उसका एटीम लेकर चोरी से अमेठी चला आया तथा यहां पर दूसरा विवाह तय कर लिया। पीड़िता उसे ढूंढती अमेठी आई और लगभग माह भर से पुलिस अधीक्षक के दफ्तर ,कोतवाल के दफ्तर तथा क्षेत्राधिकारी अमेठी के ऑफिस के चक्कर लगा रही है किंतु अब तक पीड़िता को अनसुना करते हुए पुलिस आरोपी को बचाने की जुगत लगाती नजर आ रही है। एक अनाथ महिला जिसकी अस्मत लूटने के बाद आरोपी पुलिस संरक्षण में पीड़िता के ऊपर झूठे आरोप लगाकर मौज काट रहा है। और पीड़िता आरोपी के घर के बाहर खुले स्थान पर जीवन यापन करने को मजबूर है जिसके साथ कभी भी अनहोनी घट सकती है। क्या इसी दिन के लिए महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए कानून बनाए गए। वर्तमान समय में महिला संबंधी अपराध चरम पर है महिलाएं न्याय के लिए दर बदर की ठोकरें खाती नजर आती हैं।

