अमेठी नगर पंचायत के तालाबों और सोख्ता गड्ढों का अस्तित्व खतरे में
कूड़ा डालकर तालाबों की नवईयत बदलने का किया जा रहा भर्षक प्रयास
पावर हाउस के बगल स्थित तालाब व सोखता गड्ढे में डाला जा रहा कूड़ा
तहसीलदार आवास के पीछे स्थित तालाब भी खत्म होने के कगार पर ।
Uptoday न्यूज
अमेठी। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा भ्रष्टाचार की जीरो टॉलरेंस नीति को राजस्व कर्मचारी, नगर पंचायत के कर्मचारी पलीता लगाने से नहीं चूक रहे हैं ।वह उनकी नवईयत बदलने के लिए इस तरह आतुर है कि जैसे तालाबों का इस पृथ्वी पर कोई अस्तित्व ही ना हो,। जलस्तर को मेंटेन करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि प्रदेश सरकारी तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराए ।लेकिन जिम्मेदार अधिकारी तालाबों से अतिक्रमण हटाने के लिए अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण अमेठी में देखने को मिल रहा है।
आपको बताते चलें अमेठी नगर पंचायत में खेरौना ,गंगागंज सरैया आदि वार्डो में कई तालाबों पर अतिक्रमण कर लिया गया है। जिसकी शिकायत करने के बाद भी राजस्व विभाग के आला अफसर कार्यवाही करने को तैयार नहीं है या दूसरे शब्दों में कहे तो कागज पर ही नगर पंचायत के और राजस्व के जिम्मेदार अधिकारियों ने अपना काम कर दिया है ।जिससे तालाब का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
जलस्तर दिनों दिन नीचे जा रहा है। जिसका खामियाजा अमेठी के पूरे आम जनमानस को किसी न किसी रूप में भुगतना पड़ेगा।
एसडीएम आवास अमेठी के बगल स्थित तालाब का आधा भाग खत्म हो चुका है जबकि आधा भाग खत्म होने में भी समय नहीं लगेगा।
तो वहीं तहसीलदार अमेठी आवास के पीछे स्थित तालाब पर भी कूड़ा डालकर तालाब की नवईयत बदली जा रही है। जिम्मेदार अधिकारी आते जाते उसे देखते भी हैं। लेकिन उस पर कार्रवाई करने की जगह नज़र अंदाज कर दिया जाता है।
इस बारे में तालाब में कूड़ा डालने वाले वर्करों से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमें तालाब में कूड़ा डालने का आदेश सुपरवाइजरों द्वारा दिया गया है ।
क्या बोले ,,जब इस मामले में ई,ओ नगर पंचायत के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि कूड़ेदान को निस्तारित करने के लिए उपयुक्त जगह नहीं मिली है जिसके कारण तालाबों में कूड़े को डाला जा रहा है जबकि हकीकत इसके बिलकुल उलट है।
खेरौना गांव के बाहर कूड़ा घर निस्तारण बना हुआ है ।जहां पर टाउन के कर्मचारी कूड़ा डालने से कतराते हैं ।
वार्ड नंबर 12 के सभासद कामता प्रसाद जायसवाल का कहना है कि कूड़े को कई बार तालाबों में डालने से रोका गया और इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई लेकिन उन्होंने शिकायत को अनसुना कर दिया है और तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई भी प्रयास नहीं किया जा रहा है।
इस विषय पर जल बिरादरी में जल पुरुष के नाम से विख्यात डॉक्टर अर्जुन पांडेय से बात की गई तो उन्होंने कहा कि तालाबों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। पूरे जिले में पानी की कमी है ।पानी की कमी को दूर करने के लिए तालाबों की खुदाई किया जाना नितांत आवश्यक है। जिससे जल स्तर बना रहेगा और इसका फायदा आम जनमानस में मिलेगा ।लेकिन इन जिम्मेदार अधिकारियों पर नकेल कसने के लिए कोई भी आगे नहीं आ रहा है। प्रदेश की योगी सरकार को इसे संज्ञान में लेकर अमेठी नगर पंचायत में स्थित तालाबों की खुदाई करवानी चाहिए। जिससे तालाबों व सोखते को संरक्षित किया जा सके। आपको बताते चलें कि डॉ अर्जुन पांडेय ने तालाबों को लेकरपानीदार बनाने के लिए प्रदेश स्तर पर कई बार बैठक उच्च अधिकारियों से की ।लेकिन उनके आदेश के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी उस आदेश को हकीकत में ना लाकर फाइलों की शोभा बढ़ाने में लगा देते हैं।
क्या बोली डीएम ,,,
इस विषय पर जब जिला अधिकारी निशा अनंत से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कि किन-किन तालाबों पर कूड़ा डालकर नवईयत बदलने का प्रयास किया जा रहा है आप उन नंबरों को बताइए हम उस पर शीघ्र ही कार्रवाई करेंगे।

