Uptoday न्यूज
जनपद अमेठी । एक ओर प्रदेश सरकार गौ वंश संरक्षण के लिए अनेक योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है किंतु भ्रष्टाचार का घुन अधिकारियों के जहन से निकलने का नाम नही लेता । बात करे पशु चिकित्सालय अमेठी की तो उसका हाल बेहाल है। वहीं पत्रकार द्वारा इसके सम्बन्ध में डॉक्टर शिव ओम गंगवार उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अमेठी एवं सुशील कुमार पशुधन प्रसार अधिकारी से पशु चिकित्सालय की दुर्दशा के सम्बंध मे सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि कई बार शासन सचिव पशुधन प्रसार अधिकारी . प्रमुख सचिव एवं निदेशक प्रशासन को पत्राचार के जरिए अमेठी पशु चिकित्सालय केंद्र की दुर्दशा के बारे में अवगत करवाया गया परंतु आज दिन तक किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मुहैया हुई।
मीडिया टीम की जांच पड़ताल में पता चला कि डिजिटल इंडिया के दौर में सिर्फ कागजों पर खानापूर्ति करवाई जा रही है। यहां तक की मूलभूत सुविधाओं कंप्यूटर, कम्प्यूटर ऑपरेटर प्रिंटर स्कैनर किसी प्रकार की कोई सुविधा नहीं मुहैया है। अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल संचालन देखरेख रिकॉर्ड हवा में चल रहे हैं । अस्थाई गौवंश आश्रय स्थल के डाटा फीडिंग जैसी बुनियादी सारी व्यवस्था ध्वस्त है। ऐसे में प्रगति रिपोर्ट में भी अ व्यवस्था उत्पन्न बाधक हो रही है। समुचित पारदर्शिता के साथ कार्य संभव नहीं हैं। पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सीय सुविधा एक्स- रें, अल्ट्रासाउंड सुविधा नहीं है। वी वी आई पी अमेठी जनपद का पशु चिकित्सालय केंद्र भ्रष्टचार के चलते नाम मात्र का रह गया है।
पशुपालकों के पशुओं की ऑपरेशन, पोस्टमार्टम हेतु कोई व्यवस्था नहीं है स्ट्रांग रूम की कोई व्यवस्था नहीं है । संबंधितों ने दो प्रशिक्षित पोस्टमार्टम सहायक , गुणवत्तापूर्ण पोस्टमार्टम किट की आवश्यकता बताया है। कृत्रिम गर्भाधान केंद्र आधुनिक चिकित्सीय सुविधाओं से सुसज्जित करवाए जाने की मांग किया है। उप पशु चिकित्सा अधिकारी ने समुचित बजट , आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति, संसाधनों की कमी की पूर्ति करवाए जाने की मांग किया है। जिससे कि अमेठी संसदीय क्षेत्र वासियों के लिए एवं पशुपालकों को बेहतर पशु चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध हो सके और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता के साथ हो सके।

