Uptoday न्यूज
अमेठी । एक ओर योगी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कर रही है वहीं लाख कोशिशों के बावजूद पुलिसिया तंत्र में भ्रष्टाचार का घुन हटने का नाम नहीं ले रहा है। पीड़ितों की माने तो उनके द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र का संज्ञान तब तक नहीं लिया जाता जब तक संबंधित साहब को चढ़ावा ना चढ़ा दिया जाए। महिलाओं को लेकर अत्यधिक संवेदन शीलता की बात करने वाली वर्तमान सरकार में एक महिला ने आरोप लगाया है कि पुलिस कर्मियों की सह पर उसके पड़ोसी रोज उसके साथ मारपीट वा गाली गलौज करते हैं जबकि थाने मुकदमा लिखाने जाने पर थानेदार डाट कर भगा देता है। दरअसल हम बात कर रहे हैं जनपद अमेठी के संग्रामपुर थाने के अंतर्गत आने वाले गांव खौ पुर बुजुर्ग की । जहां कि निवासिनी रीना यादव पत्नी अनिल कुमार का आरोप है कि उसका पति कमाने के लिए बाहर गया हुआ है और वह घर पर अकेली रहती है। इसी का फायदा उठाकर उसकी जमीन हथियाने की नीयत से उसके साथ मारपीट वा गाली गलौज करते रहते हैं। पीड़िता के अनुसार 28 फरवरी 2026 को सुबह वह अपने गृह कार्य में व्यस्त थी तभी उसी गांव के निवासीगण मुरली प्रसाद सूत रामलाल , मीना पत्नी राजकुमार , निर्मला पत्नी मुरली द्वारा पीड़िता को भद्दी भद्दी गालियां देते हुए धमकाया जाने लगा । वहीं शोभनाथ पुत्र मुरली प्रसाद मौके पर प्रार्थनी को मारने के लिए झपटे । पीड़िता अपने घर की ओर भागी तो उपरोक्त दबंग भी पीड़िता की ओर झपटे। पीड़िता ने गुहार लगाई तो उसके चाचा कृष्णानंद वा अन्य ग्रामीणों के दौड़ने पर पीड़िता की जान बची। पीड़िता के अनुसार आए दिन इन घटनाओं की दोहराई उसके साथ संग्रामपुर पुलिस के संरक्षण में हो रही है। पीड़िता के अनुसार उस बीट के सिपाही विनय मिश्रा द्वारा उसके साथ घटना कारित कर रहे दबंगों को संरक्षण दिया जा रहा है। पीड़िता द्वारा 28 फरवरी 2026 को उसका मेडिकल करवाने तथा घटना के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के लिए संग्रामपुर कोतवाल को प्रार्थना पत्र दिया गया किंतु प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करना तो दूर की बात है मौके पर घटना की जांच के लिए कोई पुलिस कर्मी भी नहीं गया। ऐसे में महिला अपराध पुलिस की सक्रियता पर सवालिया निशान ताजा घटनाक्रम लगा रहा है।

