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अंतू / प्रतापगढ़। वर्तमान समय में एस सी एस टी वा बलात्कार जैसे कानून समाज सुधारक भी हैं तो वहीं बहुतेरे मामलों में धन उगाही का माध्यम भी बने हुए हैं । वर्तमान में सहमति से एक दूसरे के साथ रह रहे युगल धन उगाही के चक्कर में इन कानूनों का सहारा ब्लैक मेलिंग के लिए भी प्रयोग करते है। और कानून तो उसी का है जो उसकी जेब भरे इसी कहावत को चरितार्थ करता ताजा प्रकरण प्रतापगढ़ जनपद के अंतू थाने का है। जहां कि निवासिनी पीड़िता का कहना है कि उसके पति का अन्य महिला से अवैध संबंध रहा है। जब उसने अपने पति को उस महिला के साथ पकड़ लिया तो उस महिला उसके पूरे परिवार के साथ पुलिस की मिली भगत से ब्लैक मेलिंग शुरू की तथा मन माफिक पैसे ना मिलने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगी । दरअसल हम बात कर रहे हैं प्रतापगढ़ के अंतू थाने के अंतर्गत आने वाले गांव गौरा डांड की जहां कि निवासिनी सुनीता पत्नी जय प्रकाश न्याय के लिए दर बदर भटक रही है। वहीं जय प्रकाश के वृद्ध पिता रामदेव पुलिस प्रताड़ना से इस कदर परेशान है कि आत्महत्या की बात कर रहे हैं। पीड़िता सुनीता के अनुसार उसके पति नाजायज संबंध बीते सात से आठ वर्षों से उसी गांव की निवासिनी एक विवाहित महिला से रहा है। जिसका विरोध लगातार उसके तथा उसके दोनों बच्चों विपिन वा दिलीप द्वारा किया जाता रहा है। दिनांक 25 फरवरी 2026 को पीड़िता तथा उसका छोटा पुत्र विपिन अपने पति का पीछा कर रहे थे। जब उन्होंने देखा कि उनका पति उक्त महिला से मिल रहा है तो उनके द्वारा सबूत के तौर पर उन दोनों का वीडियो बनाया गया । किंतु वीडियो बनाता देख उक्त महिला उग्र हो गई तथा सुनीता वा उसके पुत्र विपिन की पिटाई शुरू कर दी। इन दोनों के द्वारा अपना बचाव किया गया तथा मौके पर अन्य ग्रामीण भी आ गाए जो घटना के चश्मदीद हैं। इसके पश्चात उक्त महिला सुनीता तथा उसके परिजनों से लाखों रुपए की मांग करने लगी। इनके द्वारा देने से मना किया गया तो झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने लगी जिसकी गवाही पूरा गांव दे रहा है। सुनीता तथा उसके पुत्र द्वारा थाने में तहरीर दी गई किंतु इनका कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। वहीं विपक्षी महिला की तहरीर पर 21/26 के तहत अंतू थाने में अंतर्गत धारा 115(2), 352, 351(3) के तहत मुकद्दमा दर्ज कर लिया गया। पुनः पुलिस वाले पीड़िता सुनीता के ऊपर पुलिस तथा उक्त महिला को मैनेज करने का दबाव बनाने लगे । धन न मिलने पर 164 के बयान के आधार पर 64(1) जैसी जीवन बर्बाद कर देने वाली झूठी बलात्कार जैसे संगीन आरोप की धारा को बढ़ा दिया गया। पीड़िता द्वारा दिए जा रहे गवाह वा सबूत को लेने से जांच अधिकारी द्वारा साफ तौर पर मना किया जा रहा है ।
लगातार कभी संबंधित क्षेत्र के चौकी इंचार्ज के माध्यम से तो कभी चौकीदार के माध्यम से पीड़िता से मामले को रफा दफा करने के लिए संबंधित थानेदार द्वारा मैनेज करने के नाम पर पैसे की मांग की जा रही है जिसका ऑडियो वा वीडियो साक्ष्य पीड़िता के पास मौजूद है। पूरे प्रकरण में पीड़ित परिवार पुलिसिया अत्याचार के सम्मुख पंगु हो चुका है। पुलिस द्वारा पीड़ित परिवार के घर पर झूठी बलात्कार की धारा बढ़ाकर गिरफ्तारी के लिए नोटिस चस्पा कर दी गई है। क्या बेहद ईमानदार मुख्यमंत्री योगी के राज में अंतू थाने में कानून इस कदर अंधा हो गया है।

