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अमेठी । एक ओर शासन की मंशा आमजन के हित में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की है , वहीं नवागंतुक कप्तान ने अपराध लगाम लगाने की कोशिश भी की है। लेकिन भ्रष्टाचार के घुन ऐसा है कि आए दिन आमजन दर बदर की ठोकरें खाने को मजबूर रहता है और बाहुबलियों का बोलबाला रहता है। दरअसल हम बात कर रहे है रामकृष्ण दुबे पुत्र स्व रामलखन दुबे निवासी सोनारी कला पूरे घुमहू का पुरवा चौकी टीकर माफी थाना संग्रामपुर द्वारा 4/4/26 को तहसील दिवस में प्रार्थना पत्र दिया गया था कि उसकी पैतृक भूमि पर उसी गांव के निवासी अरविंद कुमार मौर्य वा अशोक कुमार मौर्य सुत गण नंदलाल मौर्य द्वारा जबरन पीड़ित को मार पीट कर दबंगई के दम पर थाना पुलिस को हमराह करके निर्माण किया जा रहा है जबकि विवादित भूमि से संबंधित वाद माननीय दीवानी न्यायालय सुल्तानपुर में 981/21 के तहत प्रचलित है। जिस पर उपजिलाधिकारी द्वारा आदेशित किया गया कि जब तक वाद विचाराधीन है विवादित भूमि पर अवैध निर्माण न हो। किंतु इसके बावजूद विपक्षी द्वारा दबंगई के दम पर चौकी प्रभारी को हमावर करके जबरन उक्त भूमि पर निर्माण किया जा रहा है। पीड़ित द्वारा 112 पी आर वी को इसकी सूचना दी गई किंतु आए सिपाहियों के सम्मुख ही उपरोक्त दबंग विपक्षी द्वारा पीड़ित को गोली मार देने की बात की गई वा निर्माण कार्य करते रहे। चौकी प्रभारी टीकर माफी ने भ्रष्टाचार की हद पार करते हुए कहा कि जमीन पर वह निर्माण कार्य करेगा हम किसी के आदेश को नहीं मानते। ऐसे में यही कहा जा सकता है कि साहब दबंगों का बोलबाला है दबंगई के दम पर किसी की भूमि कब्जा कर सकते हैं। चौकी प्रभारी को किसी सक्षम न्यायालय या मजिस्ट्रेट के आदेश की जरूरत नहीं है वो स्वयं निर्धारण कर दे रहे की भूमि किसकी है और दबंगई से निर्माणकार्य करवा रहे। टीकरमाफी चौकी पर जंगलराज कायम है।

