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अमेठी। जिले के विकासखंड अमेठी में परिवार रजिस्टर में जालसाजी कर मकान को दोबारा बेचने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित कृष्ण कुमार ने गुरुवार को अपर जिलाधिकारी (एडीएम) अर्पित गुप्ता से न्याय दिलाने की मांग करते हुए फर्जी बैनामा को शून्य करने हेतु कड़ी जांच कराने की गुहार लगाई है।
मामले के विवरण के अनुसार, विकासखंड संग्रामपुर के मिश्रौली निवासी रामरती पुत्री रामस्वरूप ने बिना वैध अनुमति के परिवार रजिस्टर में हेरफेर कर रती देवी पत्नी जमुना प्रसाद के नाम से संपत्ति दर्ज कराई। इस फर्जी रजिस्टर के आधार पर खेरौना ग्राम सभा के मकान की दुबारा बिक्री की गई।
मकान की वास्तविक मालिक देवकली पत्नी स्वर्गीय रामस्वरूप ने 2020 में उक्त संपत्ति वैध रूप से रजनीगंधा पत्नी विकास सिंह को बेच दी थी। इसके बाद 2022 में रजनीगंधा ने मकान का वैरिएबल बैनामा बैनामा मल्टी सर्व इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कृष्ण कुमार के नाम करा दिया।
पीड़ित का आरोप है कि परिवार रजिस्टर में नामों की हेरफेर कर रामरती ने स्वयं दस्तावेज में सुधार कर मकान को क्षेत्र के अन्य व्यक्तियों के नाम बैनामा करने की कोशिश की, जो पूर्णतया धोखाधड़ी है। परिवार रजिस्टर की स्याही, अक्षरों की दिशा व अन्य पहलुओं में असामान्यताएं इस जालसाजी को उजागर करती हैं।
अपर जिलाधिकारी अर्पित गुप्ता ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्परता से जांच का आदेश दिया है और स्थानीय अधिकारियों को कहा है कि वे निष्पक्ष जांच कर मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें।
पीड़ित पक्ष न्याय की गुहार लगाते हुए मांग करता है कि जुलाई 2025 के विवादित बैनामे को जांच कर तत्काल निरस्त किया जाए, जिससे न्याय के साथ संपत्ति के असली मालिकों के अधिकारों की रक्षा हो सके।
यह मामला संपत्ति दस्तावेजों की सत्यता और प्रशासन की जवाबदेही पर एक चुनौती है। इस संदर्भ में आवश्यक है कि संबंधित विभाग इस जालसाजी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें ताकि आम जनता का विश्वास कायम रह सके और भविष्य में इस प्रकार की धोखाधड़ी रोकी जा सके।
अधिकारियों की जांच और कार्रवाई की प्रतीक्षा में यह मामला प्रशासनिक और न्यायिक दोनों स्तरों पर सुर्खियों में बना हुआ है।

