रवि भूषण मिश्रा
Uptoday न्यूज
जनपद अमेठी। दिव्य गुरुदेव सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की कृपा से दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा पूरे गणेश लाल, भरेथा निकट हथकिला चौराहा, दुर्गापुर रोड ,अमेठी में चार दिवसीय श्री हरीकथामृत का आयोजन हो रहा है .
कथा के द्वितीय दिवस गुरुदेव सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के शिष्य स्वामी श्री दिव्येश्वरानंद जी ने संगत को बताया इस संसार का सच्चा मित्र समय की पूर्ण सतगुरु हुआ करते हैं.उनके सानिध्य में ही शिष्य का निर्माण होता है . पूर्ण गुरु के अभाव में एक शिष्य दर बदर भटकता रहता है.कहीं पर भी उसे सुख शांति की प्राप्ति नहीं होती है.
जब उसके जीवन में पूर्ण सद्गुरु का आगमन होता है तभी वह लक्ष्य की प्राप्ति कर पता है .
*श्री गुरु पद नख मनि ज्योती.सुमिरत दिव्य दृष्टि हिय होती . दलन मोह तम सो प्रकासू.बड़े भाग उर आवई जासु.* विवेकानंद जी के जीवन की घटना आती है और नरेंद्र से विवेकानंद कैसे बने. ठाकुर रामकृष्ण परमहंस जी के सानिध्य को प्राप्त करके, उनके श्री चरणों की सेवा करके ही वो आज हम सभी के आदर्श बने हुए है.
आज श्री आशुतोष महाराज जी के सानिध्य में कितने ही साधक अपने लक्ष्य की ओर अग्रसित हो रहें हैं.
कथा का शुभारंभ प्रभु के चरणों में दीप प्रज्ज्वलित से तथा कथा का समापन पावन आरती से हुआ.
सभी संत मंडली ने सुमधुर भजनों से खूब झुमाया.
कथा मे स्वामी विश्वनाथानंद जी, स्वामी शिवशरणानंद जी, साधवी राधा माता जी, श्री राम तारक शुक्ला, श्री मदन अग्रहरि , श्याम नारायन ओझा, समेत कई सैकड़ो श्रद्धालू मौजूद रहें। लोगो नें वेहद खुशी जाहिर किया हैं।

