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अमेठी । राजेश मसाला के नाम से मशहूर उद्योगपति राजेश अग्रहरी के ऊपर अमेठी निवासिनी ममता पत्नी पवन कुमार निवासिनी वार्ड नंबर 8 काली मंदिर अमेठी द्वारा गंभीर आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने 15 अप्रैल 2026 को अमेठी आई उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्षा अपर्णा यादव के समक्ष जमकर हंगामा काटा । दरअसल अर्पणा यादव द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरी वा जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की जा रही थी । इस दौरान उपरोक्त महिला ने जबरन बैठक में घुसते हुए अपनी पीड़ा अपर्णा यादव से बताती हुई राजेश अग्रहरी पर गंभीर आरोप लगाए। पीड़िता ने आरोप लगाया उसके बाबा द्वारा अमेठी में बनवाए गए वार्ड नं 8 में स्थित काली मंदिर पर राजेश अग्रहरी द्वारा जबरन कब्जा किया जा रहा है किंतु पीड़िता के अनुसार अपर्णा यादव द्वारा उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया । पीड़िता द्वारा उक्त के संबंध में आज आई जी सोमेन वर्मा से मिलकर मुकदमा दर्ज करने के लिए शिकायती प्रार्थना पत्र दिया गया। इस दौरान पीड़िता ने राजेश अग्रहरी पर आरोप लगाया कि 14 अप्रैल 2026 को वह शाम लगभग 6: 40 बजे अपने पति के साथ दवा लेने जा रही थी तभी आर्य समाज गली के पास जय अग्रहरी पुत्र ओम अग्रहरी ने बाइक से जाते हुए पीड़िता को गलत तरीके से छूते हुए अस्मिता भंग करने की कोशिश की। पीड़िता रुकी तो उसे भद्दी भद्दी गालियां देते हुए चला गया पीड़िता ने इसकी शिकायत अमेठी कोतवाली में की। इसके पश्चात पीड़िता जब दवा लेकर घर आई तो देखा कि उसके घर पर जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरी , विशाल अग्रहरी पुत्र राजेश अग्रहरी, चंद्रमा देवी पत्नी राजेश अग्रहरी, शिव शंकर पुत्र गंगा चरन बेनीपुर , रामकुमार , उमादेवी पत्नी रामकुमार, सुरेश पुत्र गुरु दीन गंगागंज , कमलेश माली , दिनेश माली निवासी उपरोक्त आदि सैकड़ों की संख्या में लोग खड़े थे और गाली दे रहे थे। राजेश अग्रहरी ने भीड़ से कहा मारो सालों को उपरोक्त लोग लाठी डंडे वा हथियारों से लैश थे इनके द्वारा पीड़िता वा उसके पति को मारा पीटा गया। इस दौरान पीड़िता वा उसके पति को चोटें आईं। मारपीट में पीड़िता के कपड़े अस्त व्यस्त हो गए और उसकी लज्जा भंग हो गई। पीड़िता की माने तो एक ओर सरकार मातृ शक्ति का सम्मान करने हेतु नारी वंदन जैसे कार्यक्रम चला रही है वहीं वर्तमान घटनाक्रम को देखकर लगता है कि महिला उत्पीड़न पर आई उपाध्यक्ष महिला आयोग अपर्णा रजत कौशिक का संज्ञान न लेना और जिले के प्रथम नागरिक द्वारा महिला के साथ की गई अभद्रता नारी शक्ति बंदन का खाका खोलकर रख देती है।

