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अमेठी।
अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत मंगलवार को गायत्री शक्तिपीठ, अमेठी पर देव पूजन के साथ गायत्री महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार एवं यज्ञीय वातावरण के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर आयोजन को दिव्य स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम का प्रारंभ सर्वतोभद्र पूजन से हुआ, जिसके उपरांत यज्ञाचार्य कैलाश नाथ तिवारी एवं संगीताचार्य सुनील यादव की टोली के निर्देशन में यज्ञ कर्म संपन्न कराया गया। श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व शांति, परिवारिक सुख-समृद्धि एवं राष्ट्र उत्थान की कामना की।
यज्ञ के पश्चात गायत्री परिवार के विशेष अभियान “आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी” का शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य समाज में ऐसी नई पीढ़ी का निर्माण करना है, जो नैतिक मूल्यों, संस्कारों, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण हो। अभियान के अंतर्गत गर्भकाल से ही बालकों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान देने, मातृशक्ति को जागरूक करने तथा परिवारों में संस्कारमय वातावरण विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
इसी क्रम में आयोजित पुंसवन संस्कार में गर्भवती माताओं को यह बताया गया कि गर्भधारण के समय से ही माता के विचार, आहार, व्यवहार एवं दिनचर्या का सीधा प्रभाव शिशु के व्यक्तित्व पर पड़ता है। अयोध्या जोन समन्वयक पूजा द्विवेदी एवं योगाचार्य अर्चना वर्मा ने विस्तार से समझाते हुए कहा कि यदि गर्भकाल से ही श्रेष्ठ संस्कारों का समावेश किया जाए, तो एक सशक्त, संस्कारित एवं जिम्मेदार समाज की नींव रखी जा सकती है।
इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ, रायबरेली की प्रमुख ट्रस्टी मीना सिंह ने अपने उद्बोधन में वंदनीया माताजी की जन्म शताब्दी का उल्लेख करते हुए महिलाओं से नारी जागरण की अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति ही संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण की आधारशिला है।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने न केवल यज्ञ में आहुति दी, बल्कि “आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी” के संकल्प को अपनाने का संदेश भी ग्रहण किया। यह अभियान आने वाले समय में समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मजबूत आधार बनेगा।
वहीं गायत्री परिवार की गतिविधियों को जन जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले लोकतंत्र के चौथे स्तंभ अमेठी जनपद के सम्मानित पत्रकारों को भी गायत्री परिवार ने सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

